बच्चे को पेसिफायर देने से होते हैं यह नुकसान, एक्सपर्ट से जानिए

अगर आप बच्चे को पेसिफायर देती हैं, तो इससे बच्चे को कई नुकसान हो सकते हैं। जानिए इस
लेख में। 

छोटे बच्चों की केयर करने के लिए मां कई तरीके अपनाती हैं और तरह-तरह के बेबी केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं। इन्हीं प्रोडक्ट्स में से एक है पेसिफायर। जिसे चूसनी भी कहा जाता है। पेसिफायर बच्चों को बेहद रिलैक्सिंग इफेक्ट प्रदान करता है। खासतौर से, जिन बच्चों को जन्म से ही अपने अंगूठे या उंगलियों को चूसने की आदत होती है, वह अक्सर पेसिफायर ना होने पर रोना शुरू कर देते हैं।

यूं तो पेसिफायर के इस्तेमाल से मां को कई लाभ मिलते हैं। इससे बच्चा अमूमन शांत रहते हैं और अच्छी नींद भी लेते हैं। जिससे मां के लिए उन्हें मैनेज करना काफी आसान हो जाता है। लेकिन अगर बच्चा दिनभर पेसिफायर का इस्तेमाल करता है, तो इससे उन्हें फायदा कम और नुकसान अधिक होता है। यूं तो पेसिफायर का इस्तेमाल करना या ना करना पूरी तरह से आप पर है। लेकिन आज इस लेख में दिल्ली के सरोज अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट पीडियाट्रिशियन डॉ. के के गुप्ता आपको पेसिफायर का इस्तेमाल करने से होने वाले कुछ नुकसानों के बारे बता रहे हैं-

हो सकता है इंफेक्शन

जब बच्चे को लगातार पेसिफायर चूसने के लिए दिया जाता है, तो इससे बच्चे को कई तरह के इंफेक्शन होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। दरअसल, कई बार ऐसा होता है कि बच्चा पेसिफायर चूसते-चूसते उसे नीचे गिरा देता है और फिर पैरेंट्स बच्चे को उसे दोबारा देते हैं, जिससे बच्चे को इंफेक्शन हो सकता है। इसके अलावा, पेसिफायर पर कई तरह के गंदे हाथ लगते हैं, जिससे भी संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चा बार-बार बीमार पड़ता है, जिससे बच्चे व पैरेंट्स दोनों को ही परेशानी होती है।

pacifier and its benefits

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गले की समस्या 

पेसिफायर के कारण बच्चे को गले की तरह-तरह की समस्याएं हो सकती है। यह देखने में आता है कि जो बच्चे पेसिफायर का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें गले में दर्द व टॉन्सिल्स की परेशानी होती है। इसके बच्चे को ओरल इंफेक्शन होने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। (बच्चों से जुड़ी समस्याएं)

pacifier and its disadvantages

टेढ़े-मेढ़े आते हैं दांत

पेसिफायर बच्चों के दांतों पर भी विपरीत असर डालता है। अगर बच्चा पेसिफायर का इस्तेमाल करता है, तो टीथिंग पीरियड के दौरान उसके दांत टेढ़े-मेढ़े आते हैं। जिससे बाद में बच्चे को परेशानी होती है। इतना ही नहीं, पेसिफायर का लगातार इस्तेमाल करने से बच्चे को दांतों से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

व्यवहार में परिवर्तन 

यह भी पेसिफायर के इस्तेमाल का एक नुकसान है। दरअसल, जब बच्चे को पेसिफायर का इस्तेमाल करने की आदत पड़ जाती है, तो वह ना केवल लंबे समय तक इसे यूज करते  हैं। इसके अलावा, उन्हें सारा दिन पेसिफायर चूसना अच्छा लगता है। ऐसे में अगर उनके मुंह से पेसिफायर निकाल दिया जाए, तो इससे वह चिड़चिड़े हो जाते हैं और जोर-जोर से रोने लगते हैं। इस तरह अगर देखा जाए तो बच्चे को पेसिफायर की लत लग जाती है।

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ब्रेस्टफीड शेड्यूल होता है डिस्टर्ब 

यदि आप अपने बच्चे को स्तनपान कराना चाहती हैं और एक शेड्यूल पर टिकी रहना चाहती हैं, तो पेसिफायर का इस्तेमाल करना नुकसानदेह साबित हो सकता है। यह ब्रेस्टफीड की अवधि को भी कम कर सकता है। स्तनपान बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए आवश्यक है। साथ ही, स्तनपान आपके बच्चे के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने का एक तरीका है। इसलिए, यदि आपके बच्चे को कम समय के लिए दूध पिलाया जाता है, तो इससे बच्चे को मां के साथ संबंध बनाने में भी समस्या होती है। (10 साल से कम उम्र के बच्चों की बीमारियां)

इसलिए, अब जब भी आप बेबी को पेसिफायर दें, तो पहले इन नुकसानों पर भी गौर करें और उसके बाद ही कोई फैसला लें। 

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Image Credit- freepik, pexels

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