आयुर्वेद के अनुसार आपकी अलमारी बता सकती है शरीर के दोष

अगर आप उन लोगों में से एक हैं जिन्हें अपनी अलमारी जमाने की आदत नहीं है तो एक बार ये
भी जान लें कि आयुर्वेद के हिसाब से इसका क्या मतलब है। 

हमारे घर में कई ऐसी चीज़ें होती हैं जिन्हें लेकर ये कहा जाता है कि वो ‘बीमारी का घर’ बन सकती हैं। उदाहरण के तौर पर गंदा किचन कई सारी पेट संबंधित समस्याएं पैदा कर सकता है, गंदा बाथरूम वायरल और यूरिन इन्फेक्शन का कारण बन सकता है। अगर बेडरूम ठीक तरह से मेंटेन नहीं रहता है तो नींद से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन क्या कभी आपने सोचने की कोशिश की है कि आपकी अलमारी भी आपकी बीमारी की वजह बन सकती है। या आपकी बीमारी और आयुर्वेदिक दोष की झलक आपकी अलमारी में भी दिख सकती है।

Tedx स्पीकर और आयुर्वेदिक डॉक्टर निधी पंड्या भंसाली ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अलमारी और आयुर्वेदिक दोष के बारे में बताया है। अपनी पोस्ट में उन्होंने बताया है कि आपकी अलमारी भी आपके शारीरिक दोष के बारे में बता सकती है। 

आयुर्वेद के अनुसार किस तरह के शारीरिक दोष होते हैं और किस तरह आप अपनी अलमारी अरेंज करते हैं उसके बारे में डॉक्टर निधी ने विस्तार से बताया है। 

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1. कफ दोष

आयुर्वेद में कफ दोष से सुस्ती रहना, सर्दी-खांसी होना, नींद आना, सांस से जुड़ी समस्याएं होना, फेफड़ों की बीमारी होना आदि हो सकता है। 

closet for vata dosha

कफ क्लॉसेट का मतलब ये है कि कोई इंसान अपनी अलमारी को जमाने के लिए घंटों लगा दे और वो ऐसे समय तक उसे जमाए जब उसकी मेहनत ज्यादा और फल कम रहे। यानी अपना जरूरत से ज्यादा समय इसी के लिए लगा दे। ऐसे लोग अपनी अलमारी के सामान को फेंकने में भरोसा नहीं रखते हैं। ऐसे लोगों की अलमारी में एक जैसे कई रंग के कपड़े हो सकते हैं। 

ऐसे लोगों को चीज़ों को पकड़ के रखने की आदत होती है और ये कई बार गलत साबित हो सकता है। माना चीज़ें बर्बाद करना सही नहीं है, लेकिन हर चीज़ सहेज कर रखने के लिए भी नहीं होती है। 

2. पित्त दोष

आयुर्वेद में पित्त दोष का मतलब होता है कि एसिडिटी, कब्ज और गैस संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। इस दौरान मीठी और ठंडी चीज़ों को खाने से मना किया जाता है।

closet and kapha dosha  

अगर पित्त क्लॉसेट की बात करें तो ऐसे लोग अपनी अलमारी को ज्यादातर साफ रखते हैं और सिर्फ वही चीज़ अपनी अलमारी में रखते हैं जिसकी उन्हें जरूरत होती है। हालांकि, इन्हें कफ क्लॉसेट की तरह ना समझिए जो अपनी अलमारी को बहुत ज्यादा ही साफ करते हैं। पित्त दोष में जरूरत से ज्यादा कुछ नहीं किया जाता है।  

पित्त दोष वालों को ये पता होता है कि उन्हें कब रुकना है। अलमारी जमाना उनके लिए समय की बर्बादी हो सकती है।  

 

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3. वात दोष 

वात का मतलब हवा से है और शरीर में वात दोष भी इसी से जुड़ा होता है। इस समय शरीर में गैस, लोअर बैक में दर्द, अर्थराइटिस, नर्व्स में दर्द आदि सब वात दोष के कारण हो सकता है।  

अगर यहां भी हम अलमारी की बात करें तो वात दोष वाले लोग इस तरह से अपनी अलमारी रखते हैं कि वो बिल्कुल उथल-पुथल रहती है। वात दोष वाले लोगों को इतनी उथल-पुथल अलमारी के बाद भी ये पता होता है कि उनकी कौन सी चीज़ कहां रखी है।  

फिर किसी एक दिन ये उठकर अपनी अलमारी जमाते हैं और पूरा काम करते हैं, लेकिन ये ज्यादा दिनों तक चल नहीं पाता। इन लोगों को भी अपना सामान फेंकने में मुश्किल नहीं होती है। अगर उनके सामान को कोई और फेंक दे तो कई बार उन्हें याद भी नहीं होगा कि उनके पास से कुछ गायब है।  

तो ये थे तीनों दोष और उनके बारे में थोड़ी सी जानकारी। आपके हिसाब से कौन सा दोष आपके लिए है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से। 

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