भारत की राजधानी कहाँ है | दिल्ली भारत की राजधानी कब बनी?

ये सवाल अक्सर पूछा जाता है की Bharat Ki Rajdhani क्या है (Capital of india)? इसका जवाब है दोस्तों की भारत की राजधानी का नाम नई दिल्ली है। भारत जो की पूरे विश्व में एक बहुत ही परिचित नाम है। यह asia महादेश में आता है। पूरे विश्व में ये सातवाँ सबसे बड़ा देश और जनसंख्या के मामले में दूसरा सबसे बड़ा देश माना जाता है।

चूँकि हम भी भारतीय है, ऐसे में भारत की राजधानी कहाँ पर स्तिथ है इसके विषय में हमें ज़रूर से मालूम होना चाहिए। वैसे आपके जानकारी के लिए बता दूँ की भारत की आधिकारिक भाषा हिंदी और अंग्रेजी है, लेकिन भारत के संविधान द्वारा निर्धारित कोई राष्ट्रीय भाषा नहीं है।

यहाँ पर हिंदी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है जिसके बाद पंजाबी और फिर उर्दू को स्थान दिया गया है है। हिंदू धर्म सबसे आम धर्म है जिसमें 82% आबादी धर्म का पालन करती है, वहीं दूसरे धर्मों में 12.86% इस्लाम, 0.87% ईसाई धर्म और केवल 0.11% बौद्ध धर्म।

इंडो-आर्यन सबसे बड़ा जातीय समूह है जिसके बाद द्रविड़ और फिर मंगोलॉयड हैं। इसलिए आज के इस आर्टिकल में हम भारत की राजधानी कौन सी है और उससे जुड़ी सभी बातों के बारे में जानेंगे। तो फिर बिना देरी के चलिए इस विषय में पूरी जानकारी प्राप्त करते हैं।

भारत की राजधानी क्या है?

भारत की राजधानी नई दिल्ली (New Delhi) है। भारत भौगोलिक दृष्टि से विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश है। दिल्ली न सिर्फ भारत की राजधानी है, बल्कि एक केंद्र शासित प्रदेश भी है। नई दिल्‍ली भारत के अंदर स्थित एक महानगर के साथ-साथ, यह केन्द्र शासित प्रदेश भी है।

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जनसंख्या के दृष्टिकोण से दिल्ली भारत का दूसरा सबसे बड़ा महानगर है। दिल्ली संघ राज्य क्षेत्र के 11 जिलों में से एक है। संख्‍या के मामले में भारत की राजधानी दिल्‍ली भारत का दूसरा सबसे बड़ा महानगर माना जाता है। यहाँ की वर्तमान जनसंख्या के बारे में बात करे तो मई 2020 तक दिल्ली की जनसंख्या 10,927,986 हो गई है।

इसका क्षेत्रफल 1,484 वर्ग किलोमीटर या 573 वर्ग मील है। भारत की राजधानी दिल्‍ली, मुम्‍बई के बाद देश का दूसरा सबसे अमीर शहर है। यह यमुना नदी के किनारे बसा है। यह भारत का एक प्रमुख राजनैतिक, सांस्कृतिक एवं वाणिज्यिक केन्द्र है। भारत की राजधानी दिल्‍ली, मुम्‍बई के बाद देश का दूसरा सबसे अमीर शहर है।

दिल्‍ली शहर का प्राचीन नाम क्‍या है?

दिल्‍ली का पुराना (प्राचीन) नाम “इंद्रप्रस्‍थ” था। दिल्‍ली को भारत देश की राजधानी का दर्जा प्राप्‍त है और दिल्‍ली पुराने समय में बहुत सारे राजाओं की राजधानी भी रहा है। दिल्‍ली का पुराना नाम “इंद्रप्रस्‍थ” था। इंद्रप्रस्‍थ से तातपर्य है – इंद्रदेव का शहर जहाँ पर इन्‍द्र निवास करते हैं। दिल्‍ली को भारतीय महाकाव्‍य महाभारत में प्राचीन इंद्रप्रस्‍थ के रूप में जाना जाता है। इंद्रप्रस्‍थ पांडवों की राजधानी भी हुआ करती थी।

भारत की पुरानी राजधानी क्‍या थी?

भारत की पुरानी राजधानी कोलकाता (Kolkata) थी। जैसा कि आपको पता है कि भारत देश की वर्तमान राजधानी नई दिल्‍ली है जो 13 फरवरी 1913 को बनाई गई थी। इससे पहले (First Capital of India) कोलकाता (Kolkata) भारत की पुरानी राजधानी थी। पहले लोग कोलकाता को कलकत्ता के नाम से जानते थे फिर इसका नाम बदलकर कोलकाता रख दिया गया।

नई दिल्ली की विशेषताएं

नई दिल्ली जो की भारत की राजधानी है उसकी जनसंख्या लगभग ३१.७७ करोड़ की है सन २०२० के सर्वे के अनुसार। नई दिल्ली का क्षेत्रफल 42.7 वर्ग किलोमीटर है। नई दिल्ली की जलवायु उपोष्णकटिबंधीय है। गर्मी का मौसम बहुत लंबा और गर्म होता है, तापमान 40 डिग्री तक चला जाता है। जुलाई और अगस्त में भी मानसूनी वर्षा होती है। सर्दी का मौसम शुष्क होता है।

नई दिल्ली में देखने लायक महत्वपूर्ण स्थान

भारत की राजधानी कहाँ पर है आपको पता है। अतुल्य भारत की राजधानी दिल्ली अपने आप में किसी अविश्वसनीय से कम नहीं है। दिल्ली में कुछ सबसे खूबसूरत और मनोरम पर्यटन स्थलों के साथ, आपके पास हमेशा शहर के भीतर या यहां तक ​​कि दिल्ली के पास घूमने के लिए कई स्थानों पर देखने के लिए कुछ न कुछ होता है।

1. India Gate (इंडिया गेट)

यह स्मारक जो 1931 में बनाया गया था, दिल्ली के सर्वश्रेष्ठ पर्यटक आकर्षणों में से एक है और प्रथम विश्व युद्ध और अफगानिस्तान युद्ध के शहीदों के लिए एक श्रद्धेय स्मारक के रूप में कार्य करता है। India Gate रात में अपना सर्वश्रेष्ठ दिखायी पड़ता है। सुंदर रोशनी से सुसज्जित, यह एक ऐसा स्थान है जहाँ स्थानीय लोगों द्वारा भी अत्यधिक आना-जाना होता है। इंडिया गेट दिल्ली में रात में घूमने के लिए सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है!

2. Rashtrapati Bhawan (राष्ट्रपति भवन)

हालांकि यह सभी के लिए पूरी तरह से सुलभ नहीं है, लेकिन फिर भी “राष्ट्रपति भवन” भारत के राष्ट्रपति का निवास, अभी भी दिल्ली के सबसे अच्छे दर्शनीय स्थलों में से एक है। वहीं यह दिल्ली के पास एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल में शामिल होता है।

340 कमरों के साथ 200,000 वर्ग फुट के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ, एक श्रमसाध्य रूप से मैनीक्योर किया गया राष्ट्रपति उद्यान या मुगल गार्डन, स्टाफ क्वार्टर, अस्तबल और विशाल खुले स्थान, यह स्मारक निश्चित रूप से दिल्ली आकर्षण का दौरा करना चाहिए।

3. Red Fort (लाल किला)

भारतीय राजधानी का चेहरा, लाल किला दिल्ली में एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जिसे 1638 में बनाया गया था। एक महान मुगल स्मारक, यह पूरी तरह से लाल बलुआ पत्थर से बना है और भव्य दीवारों, अद्भुत वास्तुकला, छता बाजार और मनोरंजक रोशनी को प्रदर्शित करता है।

यहाँ पर होने वाला साउंड शो जो विशेष रूप से आकर्षक हैं। मुगल काल का यह प्रतीक दिल्ली का एक बहुत ही लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। लाल किला दिल्ली में दोस्तों और परिवार के साथ घूमने की उन जगहों में से एक है।

4. Qutub Minar (कुतुब मीनार)

कुतुब मीनार एक रहस्यमय स्मारक, इसे मुगल काल में बनाया गया था। दिल्ली में घूमने के लिए एक और शानदार स्थान है। इस मीनार को कुतुब-उद-दीन-ऐबक द्वारा बनाया गया था, इसलिए नाम कुतुब मीनार नाम रखा गया था। इस मीनार की लंबायी करिब 73 मीटर की है।

इस अनूठी पांच मंजिला ईंट मीनार को खूबसूरती से तराशा गया है, जो की दिखने में काफ़ी ज़्यादा खूबसूरत है। कुतुब मीनार दिल्ली में घूमने के लिए सबसे अनुशंसित स्थानों में से एक है।

5. Akshardham Temple (अक्षरधाम मंदिर)

स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है और सबसे भव्य दिल्ली दर्शनीय स्थलों में से एक है। गुलाबी पत्थर और संगमरमर से यह निर्मित है। यह वास्तव में पारिवारिक पर्यटन के लिए दिल्ली में सबसे अच्छी जगहों में से एक है। जो लोग नाइट शो में जाना चाहते हैं, उनके लिए अक्षरधाम मंदिर रात में घूमने के लिए दिल्ली के खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक है।

राजधानी शहर को कलकत्ता से नई दिल्ली क्यों ले जाया गया?

राजधानी को नई दिल्ली में स्थानांतरित करने के कारणों को तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है; ऐतिहासिक, राजनीतिक और भौगोलिक कारण।

राजनीतिक कारणों से, दिल्ली कई राज्यों की राजधानी रही है जो भारतीय इतिहास में थे। कलकत्ता में केंद्रित एक शक्तिशाली आंदोलन भी था जिसने अंग्रेजों का विरोध किया इसलिए राजधानी को स्थानांतरित कर दिया गया।

भौगोलिक कारणों से, 18वीं शताब्दी में ब्रिटेन ने कलकत्ता पर पहले ही अधिकार कर लिया था, लेकिन शेष भारत अभी भी उनकी पहुंच से बाहर था। इसलिए अंग्रेजों के लिए अपनी राजधानी को नई दिल्ली में स्थानांतरित करना स्वाभाविक था। इसके अलावा, भारत के उत्तरी और मध्य भाग में कई क्षेत्र ब्रिटिश उपनिवेश थे।

ऐतिहासिक कारणों से, लाल किला जो नई दिल्ली में स्थित है, अंग्रेजों के लिए एक अनुस्मारक है जब उन्होंने 1857 में मुगल शासक को हराया था। इसके अलावा, प्रिंस ऑफ वेल्स के स्वागत के लिए दिल्ली में दरबार आयोजित किया गया था; इसलिए अंग्रेजों ने दिल्ली को शाही विरासत से जोड़ा।

नयी दिल्ली कहाँ पर स्तिथ है?

नई दिल्ली भारत के उत्तर-मध्य भाग में, यमुना नदी के पश्चिमी तट पर, पुरानी दिल्ली के निकट और दक्षिण में, दिल्ली के ऐतिहासिक केंद्र और दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के भीतर स्थित है।

दिल्ली भारत की राजधानी कब बनी?

दिसंबर 1911 में ब्रिटेन के किंग जॉर्ज पंचम ने फैसला सुनाया कि ब्रिटिश भारत की राजधानी को कलकत्ता (जिसे आज कोलकाता कहा जाता है) से दिल्ली ले जाया जाएगा। निर्माण 1912 में दिल्ली शहर के केंद्र के दक्षिण में लगभग 3 मील (5 किमी) की जगह पर शुरू हुआ, और नई राजधानी को औपचारिक रूप से 1931 में समर्पित किया गया था।

सबसे पहले भारत की राजधानी कौन सी थी?

सबसे पहले भारत की राजधानी कलकत्ता थी ।

आज आपने क्या सीखा

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